Close

    एडीआईपी योजना

    दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों/उपकरणों की खरीद/फिटिंग के लिए सहायता योजना (एडीआईपी योजना)

    एडीआईपी योजना के बारे में

    • एडीआईपी योजना दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, पुनर्वास और स्वतंत्र जीवन-यापन के लिए सहायक उपकरण और सहायक साधन उपलब्ध कराती है।
    • यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जो वर्ष 1981 से संचालित है और इसे अंतिम बार 26.09.2024 को संशोधित किया गया था।
    • प्रमाणन के लिए एक केंद्रीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, जो पूरे देश में एकरूपता सुनिश्चित करता है।
    • सहायता विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिनमें ALIMCO, राष्ट्रीय संस्थान, गैर-सरकारी संगठन (NGOs)/स्वैच्छिक संगठन (VOs), अस्पताल, DDRCs और अन्य पात्र संगठन शामिल हैं।

    किस प्रकार के सहायक उपकरण और सहायक साधन उपलब्ध हैं?

    • योजना के अंतर्गत विभिन्न सहायक उपकरण और सहायक साधन उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें श्रवण यंत्र, मोटर चालित तिपहिया साइकिल/व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग/प्रोस्थेसिस/ऑर्थोसिस, TLM किट, स्मार्टफोन/मैग्निफायर और व्यापक सूची के अनुसार अन्य उपकरण शामिल हैं।
    • वित्तीय सहायता: सहायक उपकरणों और सहायक साधनों के लिए प्रत्येक 3 वर्ष में एक बार ₹15,000 तक; उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंगों के लिए ₹30,000 तक; तथा मोटर चालित तिपहिया साइकिल/मोटर चालित व्हीलचेयर के लिए प्रत्येक 5 वर्ष में एक बार ₹50,000 तक की सब्सिडी।

    कार्यान्वयन एजेंसियाँ अनुदान सहायता के लिए कैसे आवेदन कर सकती हैं?

    • सरकारी संगठन अपने प्रस्ताव सीधे विभाग को प्रस्तुत कर सकते हैं, जबकि गैर-सरकारी संगठन (NGOs)/स्वैच्छिक संगठन (VOs) योजना के अंतर्गत अनुदान सहायता के लिए e-अनुदान पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

    लाभ कौन प्राप्त कर सकता है?

    • लाभार्थी के पास कम से कम 40% दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के साथ UDID कार्ड/UDID नामांकन संख्या और आधार/आधार नामांकन संख्या होनी चाहिए।
    • 100% सब्सिडी: ₹22,500 तक की मासिक पारिवारिक आय।
    • 50% सब्सिडी: ₹22,501–₹30,000 की मासिक पारिवारिक आय।

    लाभार्थी लाभ कैसे प्राप्त कर सकता है?

    • पात्र लाभार्थी निकटतम कार्यान्वयन एजेंसी, प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र (PMD-VK) से संपर्क कर सकते हैं या ARJUN पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अनुरोध प्रस्तुत कर सकते हैं।

    महत्वपूर्ण लिंक एवं हेल्पलाइन नंबर