हम अपने दिव्यांग भाई-बहनों के लिए सम्मान, पहुंच और अवसर सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। उन्होंने अपनी रचनात्मकता और दृढ़ संकल्प के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। साथ ही, उन्होंने हमारे राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने कानूनों, सुलभ बुनियादी ढांचे, समावेशी शिक्षा नीतियों और सहायक प्रौद्योगिकियों में नवाचारों के माध्यम से दिव्यांग कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हम आने वाले समय में भी और अधिक प्रयास करते रहेंगे।


12.03.2025
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हमारे बारे में

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग का उद्देश्य दिव्‍यांगजनों केसशक्तिकरण को सुगम्‍य बनाना है। 2011 की जनगणना के अनुसार, देश में दिव्‍यांगजनों की संख्या 2.68 करोड़ है, जो देश की कुल आबादी का 2.21 प्रतिशत है।आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम, 2016 के अनुसार, 21 प्रकार की दिव्‍यांगताएं हैं जिनमें गतिविषयक दिव्‍यांगता, दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, वाक् और भाषा दिव्‍यांगता, बौद्धिक दिव्‍यांगता, बहु दिव्‍यांगता, प्रमस्तिष्‍कघात, बौनापन आदि शामिल है.

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