जागरूकता सृजन एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य

योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन में सभी क्षेत्रों में के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए एक सक्षम वातावरण तैयार करना है, जिसके लिए जानकारी का प्रसार और सभी हितधारकों को संवेदनशील बनाकर समान अवसर, समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है ताकि दिव्यांगजनों में विश्वास पैदा किया जा सके। ताकि वे सार्थक योगदान दे सकें और राष्ट्र के विकास में बराबर के भागीदार बन सकें। तदनुसार, योजना के निम्नलिखित उद्देश्य हैं

  1. संविधान में निहित दिव्यांगों के कानूनी अधिकारों, दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 और नियमों, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और अधीनस्थ कानूनों के बारे में दिव्यांगजनों और नागरिक समाज सहित सभी हितधारकों को व्यापक प्रचार देना।
  2. दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और अन्य मंत्रालयों और विभागों द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता फैलाना।
  3. जागरूकता को बढ़ावा देना और दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके समाज को संवेदनशील बनाना, विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं के कारणों और शीघ्र पता लगाने आदि के माध्यम से उनकी रोकथाम करना और ऐसी विकलांगताओं से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए सामग्री विकसित करना।
  4. दिव्यांगजनों के उपयोग हेतु विकसित विभिन्न सहायक उपकरणों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना।
  5. दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नौकरी मेले, अभियान, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर जागरूकता आदि गतिविधियों को बढ़ावा देना।
  6. ऐसी जागरूकता सृजन और प्रशिक्षण के लिए आयोजित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  7. विशेष कार्यक्रमों और विशेष दिवसों आदि का आयोजन करना और दिव्यांगता के क्षेत्र में जागरूकता पैदा करने से संबंधित प्रासंगिक गतिविधि/कार्यकलापों को बढ़ावा देना।

सेवाकालीन प्रशिक्षण का उद्देश्य

योजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य/जिला/ब्लॉक स्तर की कार्यशालाओं के माध्यम से दिव्यांगता से संबंधित मामलों पर केंद्र और राज्य सरकार और स्थानीय निकायों, सहकर्मी समूह और अन्य सेवा प्रदाताओं के प्रमुख पदाधिकारियों को नियमित आधार पर दिव्यांगजनों की क्षमताओं के बारे में प्रशिक्षित और संवेदनशील बनाना है। इससे कार्यस्थल पर एक समावेशी माहौल बनाने और समान अवसर, समानता और सामाजिक न्याय प्रदान करके और दिव्यांगों में विश्वास निर्माण सुनिश्चित करके जीवन के सभी क्षेत्रों में दिव्यांगों के सामाजिक समावेश के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। तदनुसार, योजना के उद्देश्य हैं:

  1. दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रबुद्ध, कुशल और प्रतिबद्ध प्रमुख पदाधिकारियों को सुनिश्चित करना।
  2. दिव्यांगजनों के लिए विकलांगता संबंधी कानून, विकास कार्यक्रमों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता पैदा करना; विभिन्न हितधारकों के बीच पुनर्वास और रेफरल सेवाएँ।
  3. दिव्यांगजनों की रोकथाम, शीघ्र पहचान, हस्तक्षेप, पुनर्वास और मुख्यधारा में लाने के प्रति जागरूकता पैदा करना और संवेदनशील बनाना।
जागरूकता सृजन एवं प्रचार-प्रसार और सेवाकालीन प्रशिक्षण की दिशानिर्देश
शीर्षक दिनांक देखें/डाउनलोड
‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम’ (SIPDA) को लागू करने की योजना के अंतर्गत ‘जागरूकता सृजन और प्रचार’ (ACP) घटक के लिए संशोधित दिशानिर्देशों का प्रसार – विषयक। 13/10/2026
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जागरूकता सृजन और प्रचार (AGP) के लिए दिशानिर्देश 13/10/2026 13/10/2026
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एन.जी.ओ./निजी संगठनों द्वारा ए.जी.पी. योजना के तहत अनुदान के लिए आवेदन करने हेतु प्रपत्र 30/10/2025
पहुँच योग्य संस्करण : देखें (801 KB) 
एन.आई./सी.आर.सी./आर.सी. के लिए ए.जी.पी. योजना के तहत अनुदान के लिए आवेदन करने हेतु प्रपत्र 30/10/2025
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जागरूकता सृजन और प्रचार दिशानिर्देश 2024 27/09/2024
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