विश्व मिर्गी दिवस जागरूकता कार्यक्रम – DEPwD

विश्व मिर्गी दिवस के अवसर पर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD)
द्वारा देशभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन पहलों का उद्देश्य मिर्गी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना,
प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा देना, और उपलब्ध उपचार विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

NIEPID की जागरूकता पहल

बौद्धिक विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय संस्थान (NIEPID) ने मिर्गी प्रबंधन और उपचार पर केंद्रित
एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। विशेषज्ञों ने मिर्गी से पीड़ित व्यक्तियों और उनके परिवारों को सटीक जानकारी प्रदान की,
जिससे उन्हें बेहतर देखभाल और चिकित्सा सहायता प्राप्त हो सके।

NIEPMD की ऑनलाइन वेबिनार

बहुविकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय संस्थान (NIEPMD) ने एक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया, जिसमें
विशेषज्ञों ने मिर्गी, उसके प्रभाव और प्रभावी प्रबंधन रणनीतियों पर जानकारी साझा की।

CRC गोरखपुर एवं अन्य केंद्र

इसके अतिरिक्त, कॉम्पोजिट रीजनल सेंटर (CRC) गोरखपुर ने मिर्गी और उसके प्रबंधन पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
नेल्लोर, दावणगेरे, जयपुर और गुवाहाटी सहित अन्य राष्ट्रीय और CRC केंद्रों ने भी जागरूकता अभियान चलाए। इन कार्यक्रमों ने मिर्गी से
पीड़ित व्यक्तियों के अधिकारों, जीवन गुणवत्ता में सुधार, और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दिया।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 5 करोड़ लोग मिर्गी से पीड़ित हैं, जिनमें से 80% निम्न
और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। अनुसंधान से पता चलता है कि सही समय पर निदान और उपचार से लगभग 70% मामलों का प्रभावी
प्रबंधन संभव है, जिससे व्यक्ति बिना दौरे के जीवन जी सकते हैं।

DEPwD की प्रतिबद्धता

इन पहलों के माध्यम से, DEPwD मिर्गी के बारे में भ्रांतियों को समाप्त करने, सहानुभूति को प्रोत्साहित करने, और एक समावेशी समाज को
बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ मिर्गी से पीड़ित व्यक्तियों को आवश्यक सहायता और देखभाल प्राप्त हो।

11 फरवरी को DEPwD और साझेदार संस्थानों द्वारा आयोजित मिर्गी जागरूकता गतिविधियों का कोलाज
मिर्गी जागरूकता कोलाज – 11 फरवरी