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    दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय कोष

    दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय निधि

    दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय निधि के बारे में

    यह दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 86 के तहत गठित एक वैधानिक निधि है, जिसे वर्ष 2018 में एक ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण से संबंधित उन प्रमुख क्षेत्रों के लिए निधि के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो सरकार के बजटीय सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल नहीं हैं।

    दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय निधि का उद्देश्य

    • ऐसे क्षेत्रों में वित्तीय सहायता प्रदान करना जो केंद्र सरकार की किसी योजना या कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष रूप से शामिल नहीं हैं या केंद्र सरकार की किसी योजना या कार्यक्रम के तहत पर्याप्त रूप से वित्तपोषित नहीं हैं।
    • अधिनियम के प्रावधानों के कार्यान्वयन के उद्देश्य से वित्तीय सहायता प्रदान करना।
    • निधि के प्रशासनिक एवं अन्य आवश्यक व्यय, जिन्हें इस अधिनियम के तहत या इसके द्वारा वहन किया जाना आवश्यक हो।

    राष्ट्रीय निधि की संरचना


    शासी निकाय
    ↓

    मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
    ↓

    प्राधिकृतकर्ता – 2
    ↓

    प्राधिकृतकर्ता – 1
    ↓

    सचिवालय कर्मचारी

    राष्ट्रीय निधि के अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

    • बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्ति एवं उच्च सहायता आवश्यकताओं वाले व्यक्ति।
    • दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत पंजीकृत संगठन/सोसायटी/कंपनियां/ट्रस्ट आदि।
    • संगठन का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत पंजीकृत होना आवश्यक है।
    • संगठन का NGO DARPAN पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है (सरकारी संगठनों को छोड़कर)।

    राष्ट्रीय निधि के अंतर्गत आवेदन कैसे करें?

    सामान्य पात्रता शर्तें:

    बेंचमार्क दिव्यांगता/उच्च सहायता आवश्यकताओं वाले व्यक्तियों के लिए

    • आवेदक के पास वैध दिव्यांगता/UDID/उच्च सहायता आवश्यकता प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
    • आवेदक ने इसी उद्देश्य के लिए किसी अन्य स्रोत से वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं की हो।
    • आवेदक ने पूर्व में राष्ट्रीय निधि से वित्तीय सहायता प्राप्त करते समय निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन किया हो।

    संगठनों के लिए

    • संगठन का सोसायटी अधिनियम/कंपनी अधिनियम/ट्रस्ट अधिनियम के तहत पंजीकृत होना आवश्यक है (सरकारी संगठनों को छोड़कर)।
    • संगठन का दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत पंजीकृत होना आवश्यक है (सरकारी संगठनों को छोड़कर)।
    • आवेदक संगठन ने उसी उद्देश्य के लिए किसी अन्य स्रोत से वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं की हो।
    • जिस संगठन को पिछले एक वर्ष के दौरान किसी परियोजना के लिए राष्ट्रीय निधि से सहायता प्राप्त नहीं हुई है, वह किसी अन्य परियोजना के लिए सहायता हेतु आवेदन करने के लिए पात्र होगा।